मुख्य तिथियाँ
तिथियाँ श्रीलंका समय में हैं, Swiss Ephemeris से निरयन (लाहिरी) पद्धति में गणना की गई। पंचांगों में लगभग एक दिन का अंतर हो सकता है।
| तिथि | ग्रह | परिवर्तन | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 2026 जून 2 | गुरु | मिथुन → कर्क | |
| 2026 अक्टूबर 31 | गुरु | कर्क → सिंह | थोड़े समय के लिए (अतिचार) |
| 2026 दिसंबर 5 | राहु / केतु | कुंभ → मकर (केतु: सिंह → कर्क) | |
| 2027 जनवरी 25 | गुरु | सिंह → कर्क | वक्री होकर वापस |
| 2027 जून 3 | शनि | मीन → मेष | |
| 2027 जून 26 | गुरु | कर्क → सिंह | फिर से (स्थायी) प्रवेश |
| 2027 अक्टूबर 20 | शनि | मेष → मीन | वक्री होकर वापस |
| 2027 नवंबर 26 | गुरु | सिंह → कन्या | |
| 2028 फ़रवरी 23 | शनि | मीन → मेष | फिर से (स्थायी) प्रवेश |
| 2028 फ़रवरी 28 | गुरु | कन्या → सिंह | वक्री होकर वापस |
| 2028 जून 24 | राहु / केतु | मकर → धनु (केतु: कर्क → मिथुन) | |
| 2028 जुलाई 24 | गुरु | सिंह → कन्या | फिर से (स्थायी) प्रवेश |
गुरु का कर्क में प्रवेश — 2 जून 2026
गुरु कर्क में उच्च होता है, इसलिए इस गोचर को परंपरा से बलवान माना जाता है। 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 तक गुरु थोड़े समय के लिए सिंह में (अतिचार) जाकर लौटता है, फिर 26 जून 2027 से स्थायी रूप से सिंह में रहता है।
चंद्र राशि से 2, 5, 7, 9 या 11वें भाव में गुरु का गोचर शुभ माना जाता है।
| आपकी चंद्र राशि | गुरु कर्क में (2 जून 2026 – 26 जून 2027) | गुरु सिंह में (26 जून – 26 नवंबर 2027) |
|---|---|---|
| मेष | 4 सामान्य | 5 शुभ |
| वृषभ | 3 सामान्य | 4 सामान्य |
| मिथुन | 2 शुभ | 3 सामान्य |
| कर्क | 1 सामान्य | 2 शुभ |
| सिंह | 12 सामान्य | 1 सामान्य |
| कन्या | 11 शुभ | 12 सामान्य |
| तुला | 10 सामान्य | 11 शुभ |
| वृश्चिक | 9 शुभ | 10 सामान्य |
| धनु | 8 सामान्य | 9 शुभ |
| मकर | 7 शुभ | 8 सामान्य |
| कुंभ | 6 सामान्य | 7 शुभ |
| मीन | 5 शुभ | 6 सामान्य |
शनि का मेष में प्रवेश — 3 जून 2027
शनि 29 मार्च 2025 से मीन में है। 3 जून 2027 को मेष में जाता है, वक्री होकर 20 अक्टूबर 2027 को फिर मीन में लौटता है और 23 फ़रवरी 2028 से स्थायी रूप से मेष में रहता है। चंद्र से 3, 6 और 11वें भाव में शनि शुभ है; 12, 1 और 2 (साढ़े साती), 4 और 8 (ढैय्या) कठिन समय माने जाते हैं।
| आपकी चंद्र राशि | शनि मीन में (3 जून 2027 तक) | शनि मेष में (3 जून 2027 से; 23 फ़रवरी 2028 से स्थायी) |
|---|---|---|
| मेष | 12 साढ़े साती | 1 साढ़े साती |
| वृषभ | 11 शुभ | 12 साढ़े साती |
| मिथुन | 10 मिश्रित | 11 शुभ |
| कर्क | 9 मिश्रित | 10 मिश्रित |
| सिंह | 8 अष्टम शनि (ढैय्या) | 9 मिश्रित |
| कन्या | 7 मिश्रित | 8 अष्टम शनि (ढैय्या) |
| तुला | 6 शुभ | 7 मिश्रित |
| वृश्चिक | 5 मिश्रित | 6 शुभ |
| धनु | 4 कंटक शनि (ढैय्या) | 5 मिश्रित |
| मकर | 3 शुभ | 4 कंटक शनि (ढैय्या) |
| कुंभ | 2 साढ़े साती | 3 शुभ |
| मीन | 1 साढ़े साती | 2 साढ़े साती |
राहु-केतु परिवर्तन — 5 दिसंबर 2026
राहु कुंभ से मकर में और केतु सिंह से कर्क में जाते हैं (मध्यम राहु)। चंद्र से 3, 6 और 11वें भाव में राहु शुभ माना जाता है।
| आपकी चंद्र राशि | राहु कुंभ में (5 दिसंबर 2026 तक) | राहु मकर में (5 दिसंबर 2026 – 24 जून 2028) |
|---|---|---|
| मेष | 11 शुभ | 10 मिश्रित |
| वृषभ | 10 मिश्रित | 9 मिश्रित |
| मिथुन | 9 मिश्रित | 8 मिश्रित |
| कर्क | 8 मिश्रित | 7 मिश्रित |
| सिंह | 7 मिश्रित | 6 शुभ |
| कन्या | 6 शुभ | 5 मिश्रित |
| तुला | 5 मिश्रित | 4 मिश्रित |
| वृश्चिक | 4 मिश्रित | 3 शुभ |
| धनु | 3 शुभ | 2 मिश्रित |
| मकर | 2 मिश्रित | 1 मिश्रित |
| कुंभ | 1 मिश्रित | 12 मिश्रित |
| मीन | 12 मिश्रित | 11 शुभ |
तालिकाएँ कैसे पढ़ें
गोचर प्रायः चंद्र राशि से देखा जाता है, लग्न से नहीं। अंक वह भाव है जिसमें ग्रह आपकी चंद्र राशि से गोचर कर रहा है। ये केवल सामान्य शास्त्रीय नियम हैं — आपकी दशा, ग्रह बल और वेध से परिणाम बदलता है।