अभी साढ़े साती वाली राशियाँ
| अवधि | साढ़े साती | अष्टम शनि (ढैय्या) | कंटक शनि / ढैय्या (4था) |
|---|---|---|---|
| शनि मीन में: 29 मार्च 2025 – 3 जून 2027 (और 20 अक्टूबर 2027 – 23 फ़रवरी 2028) | मेष (पहला चरण), मीन (मध्य), कुंभ (अंतिम चरण) | सिंह | धनु |
| शनि मेष में: 3 जून – 20 अक्टूबर 2027, और 23 फ़रवरी 2028 – लगभग अगस्त 2029 | वृषभ (पहला चरण), मेष (मध्य), मीन (अंतिम चरण) | कन्या | मकर |
शनि एक राशि में लगभग 2½ वर्ष रहता है, इसलिए साढ़े साती के तीन चरण होते हैं: पहला (चंद्र से 12वाँ), मध्य (चंद्र राशि में) और अंतिम (2रा)। चंद्र से 8वें और 4थे भाव का शनि ढैय्या कहलाता है।
क्या साढ़े साती हमेशा बुरी होती है?
ज़रूरी नहीं। परंपरा इसे ज़िम्मेदारी, धैर्य और निरंतर परिश्रम का समय बताती है। यदि आपकी कुंडली में शनि बलवान या योगकारक हो (जैसे वृषभ या तुला लग्न के लिए), या चल रही दशा शुभ हो, तो प्रभाव काफ़ी हल्का हो सकता है।
पारंपरिक उपाय
- शनिवार को तिल के तेल का दीपक और शनि देव की पूजा
- बुज़ुर्गों, दिव्यांगों और ज़रूरतमंदों की सहायता
- वाहन चलाने, कर्ज़ और जोखिम भरे निवेश में सावधानी
- नीलम जैसा रत्न पहनने से पहले पूरी कुंडली किसी ज्योतिषी से दिखवाना
यह चंद्र राशि के अनुसार सामान्य जानकारी है। अपनी राशि न जानते हों तो नीचे के टूल से मुफ़्त जानें।