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मुफ़्त जन्म कुंडली
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कुंडली मिलान में कितने गुण चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर: कोई एक निश्चित नियम नहीं है। सामान्यतः 36 में से कम से कम 18 गुण और नाड़ी-भकूट जैसे मुख्य दोषों का न होना देखा जाता है।

अष्टकूट — 36 गुण मिलान

भारत में और हमारे मुफ़्त टूल में अष्टकूट पद्धति उपयोग होती है: 8 कूट, अधिकतम 36 गुण। सामान्यतः 18 गुण (आधे) स्वीकार्य न्यूनतम माने जाते हैं; 24 से अधिक अच्छा मिलान माना जाता है।

कूटअंकक्या देखता है
वर्ण1स्वभाव और दृष्टिकोण
वश्य2परस्पर आकर्षण
तारा3जन्म नक्षत्रों का सामंजस्य
योनि4शारीरिक अनुकूलता
ग्रह मैत्री5राशि स्वामियों की मित्रता
गण6स्वभाव (देव, मनुष्य, राक्षस)
भकूट7चंद्र राशियों की दूरी — समृद्धि, संतान
नाड़ी8स्वास्थ्य और संतान
कुल36

नाड़ी और भकूट दोष

दोनों की नाड़ी एक हो तो नाड़ी कूट 0 होता है (नाड़ी दोष) — यह सबसे अधिक अंकों वाला कूट है, इसलिए गंभीर माना जाता है। चंद्र राशियाँ परस्पर 2/12, 5/9 या 6/8 हों तो भकूट दोष होता है। राशि स्वामियों की मित्रता जैसी स्थितियों में दोष परिहार बताया गया है, पर इसका निर्णय दोनों पूरी कुंडलियाँ देखकर होना चाहिए।

श्रीलंका की 20 पोरोन्दम परंपरा

श्रीलंका में परंपरा से 20 बिंदु (विसि पोरोन्दम) देखे जाते हैं — नक्षत्र, गण, महेंद्र, स्त्री दीर्घ, योनि, राशि, राशि स्वामी, वश्य, रज्जु, वेध, वृक्ष, आयु, पक्षी, भूत, गोत्र, वर्ण, लिंग, नाड़ी, दिन और ग्रह। वहाँ भी आधे से अधिक मिलान और रज्जु व योनि का मिलना आवश्यक माना जाता है।

कुंडली मिलान केवल दोनों के नक्षत्र और चंद्र राशि की तुलना है। विवाह जैसा निर्णय केवल इस पर न लें — दोनों पूरी कुंडलियाँ किसी योग्य ज्योतिषी से दिखवाएँ।

मुफ़्त कुंडली मिलान करें27 नक्षत्रों के बारे में

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुंडली मिलान में कितने गुण मिलने चाहिए?

सामान्यतः 36 में से कम से कम 18 गुण स्वीकार्य माने जाते हैं और 24 से अधिक अच्छे। साथ ही नाड़ी और भकूट दोष देखे जाते हैं।

नाड़ी दोष क्या है?

जब दोनों के नक्षत्र एक ही नाड़ी (आदि, मध्य या अंत्य) के हों, तो नाड़ी कूट 0 अंक देता है। कुछ स्थितियों में परंपरा इसका परिहार बताती है।

भकूट दोष कब होता है?

जब दोनों की चंद्र राशियाँ एक-दूसरे से 2/12, 5/9 या 6/8 स्थान पर हों। राशि स्वामी मित्र हों तो इसे हल्का माना जाता है।

यह पृष्ठ पारंपरिक वैदिक ज्योतिष की सामान्य जानकारी देता है। महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अपनी पूरी कुंडली किसी योग्य ज्योतिषी से दिखवाएँ।

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