सामग्री पर जाएं
LankaLux Astro
मुफ़्त जन्म कुंडली
For astrologers: a website, WhatsApp bookings and offline software for your traditional practice — your knowledge stays 100% private.See how →

वृषभ लग्न

वृषभ लग्न में जन्मे आप स्थिर, धैर्यवान और भरोसेमंद व्यक्ति हैं।

लग्नेश
शुक्र
तत्व
पृथ्वी
स्वभाव
स्थिर
पाश्चात्य राशि
Taurus
यहाँ उच्च
चंद्र
यहाँ नीच
—
शुभ दिन
शुक्रवार
शुभ रंग
सफ़ेद, हल्का नीला, गुलाबी
रत्न
हीरा / सफेद पुखराज
देवता
लक्ष्मी

वृषभ लग्न का स्वभाव

लग्नेश शुक्र होने से कला, सौंदर्य, सुख-सुविधा और अच्छे खान-पान के प्रति लगाव रहता है। बदलावों के साथ धीरे-धीरे ढलने का स्वभाव कभी-कभी ज़िद जैसा लग सकता है, लेकिन जो काम आप शुरू करते हैं उसे अंत तक पहुँचाने की आपकी क्षमता बहुत अच्छी है।

लग्नेश शुक्र — सुख-सुविधा, संबंध, विवाह, कला और वाहन।

वृषभ लग्न के लिए शुभ और कठिन ग्रह

ग्रह स्वामित्व भाव सामान्य भूमिका
सूर्य 4 (माता, घर, संपत्ति और मन की शांति) सम / मिश्रित
चंद्र 3 (भाई-बहन, साहस और संवाद) सम / मिश्रित
मंगल 7 (विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी); 12 (व्यय, विदेश संबंध और आध्यात्मिकता) कठिन · मारक
बुध 2 (धन, परिवार और वाणी); 5 (संतान, बुद्धि और पुण्य बल) शुभ · मारक
गुरु 8 (आयु, अचानक बदलाव और विरासत); 11 (लाभ, आय, मित्र और आकांक्षाएँ) कठिन
शुक्र 1 (शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा); 6 (स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और सेवा) शुभ
शनि 9 (भाग्य, पिता, धर्म और उच्च शिक्षा); 10 (करियर, पद और प्रतिष्ठा) योगकारक — अति शुभ

ये केवल भाव-स्वामित्व से निकले सामान्य शास्त्रीय नियम हैं। वास्तविक फल आपकी कुंडली में ग्रह की स्थिति, बल और दृष्टि पर निर्भर करता है।

करियर और कार्य

वृषभ लग्न के लिए दशम भाव (कर्म) कुंभ है, जिसका स्वामी शनि है — ज़िम्मेदारी, परिश्रम, धैर्य और दीर्घकालिक निर्माण। वास्तविक करियर दशम भाव के ग्रहों और चल रही दशा पर निर्भर करता है।

अपनी कुंडली से करियर देखें →

वृषभ राशि में चंद्र (चंद्र राशि)

चंद्रमा का अपनी उच्च राशि वृषभ में होना मानसिक स्थिरता, धैर्य और सुकून देने वाले स्वभाव को दर्शाता है। सुंदर चीज़ें, संगीत और आरामदायक वातावरण मन को प्रसन्न करते हैं।

वृषभ राशि के नक्षत्र

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वृषभ लग्न का स्वामी ग्रह कौन है?

वृषभ लग्न का स्वामी शुक्र है। कुंडली में लग्नेश कहाँ है और कितना बलवान है, इससे जीवन का ध्यान किस ओर जाता है, यह पता चलता है।

वृषभ लग्न के लिए योगकारक ग्रह कौन है?

वृषभ लग्न के लिए योगकारक (केंद्र और त्रिकोण दोनों का स्वामी) शनि है। त्रिकोणेश होने से शुक्र और बुध भी शुभ माने जाते हैं।

वृषभ लग्न के लिए कौन-सा रत्न शुभ है?

परंपरा से लग्नेश शुक्र का रत्न — हीरा / सफेद पुखराज — सुझाया जाता है। कोई भी रत्न पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से पूरी कुंडली जँचवाएँ।

यह पृष्ठ पारंपरिक वैदिक ज्योतिष की सामान्य जानकारी देता है। महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अपनी पूरी कुंडली किसी योग्य ज्योतिषी से दिखवाएँ।

WhatsApp करें — 24/7