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मासिक लग्न राशिफल

2026 अक्टूबर

माह
2026 अक्टूबर
पूर्णिमा (पोया)
अक्टूबर 25 (रविवार)
अक्टूबर 17 (शनिवार)
सूर्य: कन्या → तुला
अक्टूबर 31 (शनिवार)
गुरु: कर्क → सिंह
शनि
वक्री (समाप्त दिसंबर 12 (शनिवार))
अक्टूबर 4 (रविवार)
शुक्र वक्री होता है (समाप्त नवंबर 15 (रविवार))
अक्टूबर 25 (रविवार)
बुध वक्री होता है (समाप्त नवंबर 14 (शनिवार))

मेष लग्न

शुभ
  • गुरु 4वें भाव में (माता, घर, संपत्ति और मन की शांति) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 5वें भाव में (संतान, बुद्धि और पुण्य बल) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शनि 12वें भाव में (व्यय, विदेश संबंध और आध्यात्मिकता) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • राहु 11वें भाव में (लाभ, आय, मित्र और आकांक्षाएँ) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • सूर्य 6वें भाव में (स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और सेवा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 7वें भाव में (विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • मंगल 4वें भाव में (माता, घर, संपत्ति और मन की शांति) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • शुक्र 7वें भाव में (विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • बुध 7वें भाव में (विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।

शुभ दिन: अक्टूबर 16–21

सावधानी: अक्टूबर 14–15

दिन का पहला भाग सबसे ज़रूरी कामों में लगाएँ।

वृषभ लग्न

सामान्य
  • गुरु 3वें भाव में (भाई-बहन, साहस और संवाद) — मिश्रित फल; योजना से काम करें। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 4वें भाव में (माता, घर, संपत्ति और मन की शांति) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शनि 11वें भाव में (लाभ, आय, मित्र और आकांक्षाएँ) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • राहु 10वें भाव में (करियर, पद और प्रतिष्ठा) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • सूर्य 5वें भाव में (संतान, बुद्धि और पुण्य बल) — मिश्रित फल; योजना से काम करें। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 6वें भाव में (स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और सेवा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • मंगल 3वें भाव में (भाई-बहन, साहस और संवाद) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शुक्र 6वें भाव में (स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और सेवा) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • बुध 6वें भाव में (स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और सेवा) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।

शुभ दिन: अक्टूबर 19–24

सावधानी: अक्टूबर 16–18

छोटे काम एक-एक कर पूरे करना अच्छा रहेगा।

मिथुन लग्न

शुभ
  • गुरु 2वें भाव में (धन, परिवार और वाणी) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 3वें भाव में (भाई-बहन, साहस और संवाद) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • शनि 10वें भाव में (करियर, पद और प्रतिष्ठा) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • राहु 9वें भाव में (भाग्य, पिता, धर्म और उच्च शिक्षा) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • सूर्य 4वें भाव में (माता, घर, संपत्ति और मन की शांति) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 5वें भाव में (संतान, बुद्धि और पुण्य बल) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • मंगल 2वें भाव में (धन, परिवार और वाणी) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • शुक्र 5वें भाव में (संतान, बुद्धि और पुण्य बल) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • बुध 5वें भाव में (संतान, बुद्धि और पुण्य बल) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।

शुभ दिन: अक्टूबर 21–26

सावधानी: अक्टूबर 19–20

दिन का पहला भाग सबसे ज़रूरी कामों में लगाएँ।

कर्क लग्न

शुभ
  • गुरु 1वें भाव में (शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 2वें भाव में (धन, परिवार और वाणी) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शनि 9वें भाव में (भाग्य, पिता, धर्म और उच्च शिक्षा) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • राहु 8वें भाव में (आयु, अचानक बदलाव और विरासत) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • सूर्य 3वें भाव में (भाई-बहन, साहस और संवाद) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 4वें भाव में (माता, घर, संपत्ति और मन की शांति) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • मंगल 1वें भाव में (शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • शुक्र 4वें भाव में (माता, घर, संपत्ति और मन की शांति) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • बुध 4वें भाव में (माता, घर, संपत्ति और मन की शांति) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।

शुभ दिन: अक्टूबर 1–2, अक्टूबर 24–27

सावधानी: अक्टूबर 21–23

किसी मित्र या परिजन की मदद से दिन और अच्छा बनेगा।

सिंह लग्न

सावधानी
  • गुरु 12वें भाव में (व्यय, विदेश संबंध और आध्यात्मिकता) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 1वें भाव में (शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शनि 8वें भाव में (आयु, अचानक बदलाव और विरासत) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • राहु 7वें भाव में (विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • सूर्य 2वें भाव में (धन, परिवार और वाणी) — मिश्रित फल; योजना से काम करें। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 3वें भाव में (भाई-बहन, साहस और संवाद) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • मंगल 12वें भाव में (व्यय, विदेश संबंध और आध्यात्मिकता) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • शुक्र 3वें भाव में (भाई-बहन, साहस और संवाद) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • बुध 3वें भाव में (भाई-बहन, साहस और संवाद) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।

शुभ दिन: अक्टूबर 1–4, अक्टूबर 26–27

सावधानी: अक्टूबर 24–25

आज पैसे उधार देने-लेने से बचें।

कन्या लग्न

शुभ
  • गुरु 11वें भाव में (लाभ, आय, मित्र और आकांक्षाएँ) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 12वें भाव में (व्यय, विदेश संबंध और आध्यात्मिकता) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • शनि 7वें भाव में (विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • राहु 6वें भाव में (स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और सेवा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • सूर्य 1वें भाव में (शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 2वें भाव में (धन, परिवार और वाणी) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • मंगल 11वें भाव में (लाभ, आय, मित्र और आकांक्षाएँ) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शुक्र 2वें भाव में (धन, परिवार और वाणी) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • बुध 2वें भाव में (धन, परिवार और वाणी) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।

शुभ दिन: अक्टूबर 1–6

सावधानी: अक्टूबर 26–27

पहले योजना, फिर काम — परिणाम जल्दी मिलेंगे।

तुला लग्न

शुभ
  • गुरु 10वें भाव में (करियर, पद और प्रतिष्ठा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 11वें भाव में (लाभ, आय, मित्र और आकांक्षाएँ) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शनि 6वें भाव में (स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और सेवा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • राहु 5वें भाव में (संतान, बुद्धि और पुण्य बल) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • सूर्य 12वें भाव में (व्यय, विदेश संबंध और आध्यात्मिकता) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 1वें भाव में (शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • मंगल 10वें भाव में (करियर, पद और प्रतिष्ठा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शुक्र 1वें भाव में (शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • बुध 1वें भाव में (शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।

शुभ दिन: अक्टूबर 3–8

सावधानी: अक्टूबर 1–2, अक्टूबर 28–29

टलता आ रहा कोई काम आज पूरा करें।

वृश्चिक लग्न

सामान्य
  • गुरु 9वें भाव में (भाग्य, पिता, धर्म और उच्च शिक्षा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 10वें भाव में (करियर, पद और प्रतिष्ठा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शनि 5वें भाव में (संतान, बुद्धि और पुण्य बल) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • राहु 4वें भाव में (माता, घर, संपत्ति और मन की शांति) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • सूर्य 11वें भाव में (लाभ, आय, मित्र और आकांक्षाएँ) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 12वें भाव में (व्यय, विदेश संबंध और आध्यात्मिकता) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • मंगल 9वें भाव में (भाग्य, पिता, धर्म और उच्च शिक्षा) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • शुक्र 12वें भाव में (व्यय, विदेश संबंध और आध्यात्मिकता) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • बुध 12वें भाव में (व्यय, विदेश संबंध और आध्यात्मिकता) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।

शुभ दिन: अक्टूबर 5–10

सावधानी: अक्टूबर 3–4, अक्टूबर 30–31

बड़े निर्णय से पहले किसी भरोसेमंद की राय लें।

धनु लग्न

सामान्य
  • गुरु 8वें भाव में (आयु, अचानक बदलाव और विरासत) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 9वें भाव में (भाग्य, पिता, धर्म और उच्च शिक्षा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शनि 4वें भाव में (माता, घर, संपत्ति और मन की शांति) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • राहु 3वें भाव में (भाई-बहन, साहस और संवाद) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • सूर्य 10वें भाव में (करियर, पद और प्रतिष्ठा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 11वें भाव में (लाभ, आय, मित्र और आकांक्षाएँ) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • मंगल 8वें भाव में (आयु, अचानक बदलाव और विरासत) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • शुक्र 11वें भाव में (लाभ, आय, मित्र और आकांक्षाएँ) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • बुध 11वें भाव में (लाभ, आय, मित्र और आकांक्षाएँ) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।

शुभ दिन: अक्टूबर 7–12

सावधानी: अक्टूबर 5–6

छोटे काम एक-एक कर पूरे करना अच्छा रहेगा।

मकर लग्न

शुभ
  • गुरु 7वें भाव में (विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 8वें भाव में (आयु, अचानक बदलाव और विरासत) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • शनि 3वें भाव में (भाई-बहन, साहस और संवाद) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • राहु 2वें भाव में (धन, परिवार और वाणी) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • सूर्य 9वें भाव में (भाग्य, पिता, धर्म और उच्च शिक्षा) — मिश्रित फल; योजना से काम करें। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 10वें भाव में (करियर, पद और प्रतिष्ठा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • मंगल 7वें भाव में (विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • शुक्र 10वें भाव में (करियर, पद और प्रतिष्ठा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • बुध 10वें भाव में (करियर, पद और प्रतिष्ठा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।

शुभ दिन: अक्टूबर 9–14

सावधानी: अक्टूबर 7–8

दिन का पहला भाग सबसे ज़रूरी कामों में लगाएँ।

कुंभ लग्न

सामान्य
  • गुरु 6वें भाव में (स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और सेवा) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 7वें भाव में (विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शनि 2वें भाव में (धन, परिवार और वाणी) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • राहु 1वें भाव में (शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • सूर्य 8वें भाव में (आयु, अचानक बदलाव और विरासत) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 9वें भाव में (भाग्य, पिता, धर्म और उच्च शिक्षा) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • मंगल 6वें भाव में (स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और सेवा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • शुक्र 9वें भाव में (भाग्य, पिता, धर्म और उच्च शिक्षा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।
  • बुध 9वें भाव में (भाग्य, पिता, धर्म और उच्च शिक्षा) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा।

शुभ दिन: अक्टूबर 11–16

सावधानी: अक्टूबर 9–10

बड़े निर्णय से पहले किसी भरोसेमंद की राय लें।

मीन लग्न

सावधानी
  • गुरु 5वें भाव में (संतान, बुद्धि और पुण्य बल) — इस क्षेत्र में सहयोग और प्रगति की आशा। अक्टूबर 31 (शनिवार) से: गुरु 6वें भाव में (स्वास्थ्य, प्रतिस्पर्धा, ऋण और सेवा) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • शनि 1वें भाव में (शरीर, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • राहु 12वें भाव में (व्यय, विदेश संबंध और आध्यात्मिकता) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • सूर्य 7वें भाव में (विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी) — मिश्रित फल; योजना से काम करें। अक्टूबर 17 (शनिवार) से: सूर्य 8वें भाव में (आयु, अचानक बदलाव और विरासत) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • मंगल 5वें भाव में (संतान, बुद्धि और पुण्य बल) — मिश्रित फल; योजना से काम करें।
  • शुक्र 8वें भाव में (आयु, अचानक बदलाव और विरासत) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।
  • बुध 8वें भाव में (आयु, अचानक बदलाव और विरासत) — इस क्षेत्र में जल्दबाज़ी और टकराव से बचें।

शुभ दिन: अक्टूबर 14–19

सावधानी: अक्टूबर 11–13

आज पैसे उधार देने-लेने से बचें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह लग्न से है या चंद्र राशि से?

लग्न से — ग्रहों के भाव आपके लग्न से गिने गए हैं। अपना लग्न न पता हो तो मुफ़्त जन्म कुंडली टूल से जानें।

इसकी गणना कैसे होती है?

LankaLux Astro इंजन (निरयन, लाहिरी) कोलंबो के लिए ग्रहों की गणना करता है और शास्त्रीय गोचर नियमों से पाठ अपने-आप बनता है। यह सामान्य फल है; आपकी दशा से परिणाम बदलता है।

नया राशिफल कब आता है?

दैनिक रोज़ सुबह 6:30, साप्ताहिक हर रविवार सुबह 5 बजे, और अगले माह का हर माह की 25 तारीख़ को (श्रीलंका समय)।

यह लग्न के अनुसार ग्रह गोचर से अपने-आप बना सामान्य राशिफल है। महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अपनी पूरी कुंडली किसी योग्य ज्योतिषी से दिखवाएँ।

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